कुचामन क्षेत्र में बारिश के इंतजार में सूख रही फसलें, किसानों की बढ़ी चिंता
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Mon, 24-Aug-2026 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। क्षेत्र में पिछले करीब 10-12 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर संकट मंडराने लगा है। मौसम की बेरुखी से खेतों की नमी कम होने लगी है और फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। आसमान में बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों के अनुसार इस समय बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, मूंगफली और तिल सहित खरीफ की विभिन्न फसलों को बारिश की सबसे अधिक जरूरत है। कई खेतों में नमी की कमी के कारण फसलें सूखने लगी हैं। खासकर बाजरे की फसल में सिटी लगने के बाद दाना बनने का समय चल रहा है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से बालियों में दाने कम बनने की आशंका किसानों को सता रही है।
बाजरे में सिटी लगी, दाने नहीं बनने से चिंता
किसानों का कहना है कि बाजरे की फसल में सिटी तो लग गई है, लेकिन दाना बनने के लिए खेत में पर्याप्त नमी की जरूरत है। यदि इस समय अच्छी बारिश नहीं हुई तो बालियों में दाने कम बन सकते हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
वहीं ग्वार, मूंग और मोठ की फसलों की बढ़वार भी नमी की कमी से प्रभावित हो रही है। मूंगफली और तिल की फसलों पर भी बारिश की कमी का असर दिखाई देने लगा है।
महीनों की मेहनत पर आर्थिक नुकसान का खतरा
क्षेत्र में अधिकांश खेती बारिश पर निर्भर है। किसानों ने बीज, खाद, जुताई और बुवाई सहित खेती के अन्य कार्यों पर पहले ही खर्च कर दिया है। ऐसे में यदि समय पर बारिश नहीं हुई तो फसल उत्पादन में गिरावट के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान दिनभर खेतों में फसलों की स्थिति देखते हुए अब आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय एक अच्छी बारिश फसलों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।
किसानों ने प्रशासन से फसल स्थिति का जायजा लेने की मांग की
गोपालपुरा गांव के किसान परसाराम बुगालिया, चन्द्राराम, हनुमानराम, रामेश्वर लाल और छिगनाराम बुगालिया, शिवदानपुरा के मुनाराम व गिरधारी महला तथा हिराणी के कमलकांत डोडवाडिया, बिरमाराम बांगड़वा और झूमरमल बिजारणीया सहित अन्य किसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी फसलों को इस समय पानी की बेहद जरूरत है।
किसानों ने कहा कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में फसलों की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।