RUIDP और L&T के अधूरे कार्यों पर न्यायालय सख्त, जनहित याचिका पर अधिकारियों को नोटिस
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Wed, 05-Aug-2026 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। कुचामन शहर में RUIDP एवं एल&टी कंपनी द्वारा किए जा रहे सीवरेज एवं पेयजल परियोजना के अधूरे कार्यों को लेकर मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सूत्रकार ने जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता RUIDP, एल&टी के प्रोजेक्ट मैनेजर, उपखंड अधिकारी कुचामन तथा नगर परिषद आयुक्त को नोटिस जारी कर 7 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
ग्राहक पंचायत ने जनहित याचिका दायर कर उठाए गंभीर मुद्दे
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष हरीश कुमावत ने अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक के माध्यम से ताल्लुका विधिक सेवा समिति में जनहित याचिका प्रस्तुत की। याचिका में बताया गया कि कुचामन शहर में RUIDP के माध्यम से एल&टी कंपनी द्वारा सीवरेज एवं पेयजल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है, जिसकी निगरानी अधीक्षण अभियंता RUIDP, उपखंड अधिकारी एवं नगर परिषद द्वारा की जानी है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की कथित उदासीनता के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई कॉलोनियों में आज तक नहीं हुए सीवरेज और पानी के कनेक्शन
याचिका में बताया गया कि पारीक कॉलोनी और बालाजी विहार कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में आज तक सीवरेज एवं पेयजल कनेक्शन नहीं किए गए हैं। वहीं जिन घरों में सीवरेज कनेक्शन दिए गए हैं, वहां कई स्थानों पर सीवरेज की दुर्गंध घरों तक फैल रही है, जिससे लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।
अधिवक्ता कोमल पारीक ने न्यायालय को बताया कि नई पेयजल पाइपलाइन बिछाए जाने के बावजूद पूरे शहर में अभी तक उससे नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है। कई मकानों में आज भी पानी के कनेक्शन लंबित हैं। इसके बावजूद RUIDP एवं एल&टी द्वारा नगर परिषद से सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मूल्यांकन समिति गठित करने की मांग, 7 अगस्त को होगी सुनवाई
प्रार्थी हरीश कुमावत ने न्यायालय को अवगत कराया कि कुछ समय पूर्व जब सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट जारी करने का प्रयास किया गया था, तब नगर परिषद के पार्षदों ने भी इसका विरोध किया था और यह मामला समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।
प्रार्थी के अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय से मांग की कि सभी लंबित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के बाद ही सैटिस्फैक्शन सर्टिफिकेट जारी किया जाए। साथ ही उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर पूरे कार्य का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाए और संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
मामले को जनहित से जुड़ा एवं महत्वपूर्ण मानते हुए न्यायाधीश कुसुम सूत्रकार ने प्रकरण दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले में 7 अगस्त को न्यायालय में सुनवाई होगी, जहां संबंधित विभागों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।