पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करना पड़ा भारी, दोषी को 3 साल का कठोर कारावास
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Wed, 05-Aug-2026 |
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डीडवाना(नागौर डेली न्यूज)। महिलाओं एवं बालकों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में प्रभावी अनुसंधान और सशक्त न्यायिक पैरवी के तहत डीडवाना-कुचामन पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2024 में पीलवा थाना क्षेत्र में दर्ज पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में माननीय पोक्सो न्यायालय, डीडवाना ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹1,10,000 के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर किया था निजता का उल्लंघन
पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) ने बताया कि वर्ष 2024 में पीलवा थाने में दर्ज प्रकरण में आरोपी कानाराम पुत्र सुजाराम, निवासी चीताई, ने पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसकी निजता का गंभीर उल्लंघन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर प्रभावी अनुसंधान किया और न्यायालय में मजबूत पैरवी प्रस्तुत की।
पुलिस की सशक्त पैरवी से न्यायालय ने सुनाई सजा
प्रकरण में प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर माननीय पोक्सो न्यायालय, डीडवाना ने आरोपी कानाराम को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ₹1,10,000 (एक लाख दस हजार रुपये) का आर्थिक दंड भी लगाया। पुलिस अधिकारियों ने इसे महिलाओं एवं बालकों के विरुद्ध साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
पुलिस की आमजन से अपील— सोशल मीडिया का करें जिम्मेदारी से उपयोग
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित फोटो, वीडियो या अन्य निजी सामग्री को उनकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।