फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप, मारोठ थाना पुलिस ने शुरू की जांच
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हितेश रारा | Sun, 07-Jun-2026 |
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मारोठ(नागौर डेली न्यूज)। मारोठ थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक संपत्ति को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 16 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420, 406, 120बी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता मिश्री देवी जैन, पत्नी स्वर्गीय मांगीलाल जैन, हाल निवासी कोलकाता (पश्चिम बंगाल) एवं मूल निवासी ड्योढ़ी रेनवाल (जयपुर) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम मीण्डा स्थित उनकी पैतृक दुकान, मकान और बाड़े की देखरेख की जिम्मेदारी वर्षों पहले पांचूलाल गुर्जर को सौंपी गई थी। वृद्धावस्था और लंबे समय से बाहर रहने का फायदा उठाकर संपत्ति हड़पने की साजिश रची गई।
फर्जी मुख्त्यारनामा, इकरारनामा और वसीयतनामा बनाने का आरोप
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पांचूलाल गुर्जर सहित अन्य लोगों ने मिलकर कथित रूप से फर्जी मुख्त्यारनामा, इकरारनामा, वसीयतनामा तथा अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर डिक्री प्राप्त की गई और बाद में पैतृक दुकान का पंजीकृत विक्रय भी अन्य व्यक्तियों के नाम करवा दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें न तो न्यायालयीन कार्यवाही की जानकारी दी गई और न ही संपत्ति के विक्रय की सूचना दी गई। रिपोर्ट के अनुसार संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में कई प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी जांच की मांग की गई है।
मृत्यु के बाद नोटरी दस्तावेज तैयार होने का आरोप
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2014 में पहले स्वर्गीय विमला देवी को मकान और बाड़े की एकमात्र स्वामिनी दर्शाते हुए एक इकरारनामा तैयार किया गया। इसके बाद उसी संपत्ति के संबंध में मिश्री देवी के नाम दूसरा इकरारनामा तैयार किया गया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 25 अक्टूबर 2014 को विमला देवी का निधन हो गया था, लेकिन इसके बावजूद 15 दिसंबर 2014 को उनके नाम से कथित रूप से दस्तावेज तैयार कर नोटरी प्रमाणित करवाए गए। शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे गंभीर धोखाधड़ी बताते हुए जांच की मांग की है।
इसके अलावा शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2022 में एक लिखित दस्तावेज के माध्यम से संबंधित संपत्ति को खाली करने और सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष अपने दावों के समर्थन में महत्वपूर्ण साक्ष्य बता रहा है।
16 लोगों के खिलाफ नामजद मामला, पुलिस जुटी जांच में
मारोठ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर गजानंद शर्मा, पांचूलाल गुर्जर, स्वर्गीय सत्यनारायण कुमावत, शुभम कुमावत, रोहित कुमावत, कान्ता कुमावत, चोथूराम कुमावत, सीताराम रेगर, भागचंद ज्योतिषी, रमेश जांगिड़, शकील मोहम्मद, महेश कुमावत, हरि स्वामी, सराजूदीन तेली, गोपीराम कुमावत, रामअवतार कुमावत तथा नोटरी पब्लिक एडवोकेट मोहनलाल कुमावत के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड, न्यायालयीन अभिलेखों एवं अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मारोठ थाना के हेड कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है तथा सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।