भारतीय संगीत सदन के ग्रीष्मकालीन शिविर में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Sun, 07-Jun-2026 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। भारतीय संगीत सदन संस्थान द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन संगीत एवं कला शिविर के अंतर्गत रविवार को मध्यकालीन तैयारी अवलोकन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिविर से जुड़े करीब 150 विद्यार्थियों ने गायन, वादन, कथक, वेस्टर्न नृत्य, गिटार सहित विभिन्न कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रमों की सभी अतिथियों और अभिभावकों ने सराहना की। मंच पर बच्चों के आत्मविश्वास और कला के प्रति समर्पण ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कलाकारों और शिक्षाविदों ने बढ़ाया उत्साह
इस अवसर पर संगीतकार विनोद कुमार आचार्य, भानु प्रकाश औदिच्य, सुनील माथुर, डॉ. प्रकाश सर्वा, प्रदीप आचार्य, शिव कुमार अग्रवाल, घनश्याम गौड़, अजीत जैन सहित संस्थान के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में लगभग 200 अभिभावकों और कला प्रेमियों ने भाग लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं।
अजीत जैन ने कराया अल्पाहार, बच्चों का बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायक अजीत जैन ने सभी उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अतिथियों के लिए विशेष अल्पाहार एवं नाश्ते की व्यवस्था कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। वहीं संस्थान के सह-व्यवस्थापक प्रभात प्रधान द्वारा प्रत्येक रविवार को बच्चों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था कराई जाती है, जिसकी सभी ने सराहना की। संस्थान परिवार ने सहयोग करने वाले सभी अतिथियों, अभिभावकों और समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
संगीत और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सार्थक प्रयास
संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रीष्मकालीन शिविर का उद्देश्य बच्चों में संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कलाओं के प्रति रुचि विकसित करना तथा उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी कला को निखारने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम के अंत में भारतीय संगीत सदन संस्थान के सभी सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।