मारोठ : आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर धरना जारी, 11वें दिन भी अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
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हितेश रारा | Thu, 30-Apr-2026 |
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मारोठ/नावां(नागौर डेली न्यूज)। भीवपुरा गांव के पास हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। नावां उपखंड कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
समर्थन बढ़ा, आंदोलन हुआ उग्र
धरने के दौरान गुरुवार को मिंडा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने आंदोलन को समर्थन दिया। इसके साथ ही आरएलपी के कई कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
26 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पीड़ित ने मांगी इच्छा मृत्यु
मामला 4 अप्रैल 2026 को भीवपुरा गांव के पास हुए जानलेवा हमले का है, जिसमें शिशपाल जाट पर रास्ते में गाड़ी रुकवाकर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका इलाज जयपुर में चल रहा है। 5 अप्रैल को मारोठ थाने में मामला दर्ज हुआ, लेकिन 26 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष में आक्रोश है। घायल शिशपाल जाट ने न्याय नहीं मिलने पर राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग भी की है। आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूमकर धमकियां दे रहे हैं।
सात लोगों का अनशन, बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 28 अप्रैल से सात लोगों ने कार्मिक अनशन शुरू कर रखा है। अनशन करने वालों में सीताराम लुहाच, बजरंग लाल लुहाच, भानु प्रताप जांगू, महेंद्र कुमार कस्वा, पूरणमल नेटवाल, रामकुमार जांगू और कमल किशोर जांगू शामिल हैं। धरने में आरएलपी नेता राम कुड़ी, प्रधान सुतलिया, पंचायत समिति सदस्य मोतीराम बाजिया, भाजपा नेता नारायण सिंह, वरिष्ठ कार्यकर्ता भंवर लाल बिजारनिया सहित विभिन्न दलों के नेता और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।