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डीडवाना-कुचामन जिले में फिर हुआ फर्जी ब्लॅड डोनेशन कैंप का भंडाफोड़

सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक Wed, 15-Apr-2026

गच्छीपुरा(नागौर डेली न्यूज)। डीडवाना-कुचामन जिले में एक बार फिर फर्जी ब्लॅड डोनेशन कैंप का भंडाफोड़ हुआ है। गच्छीपुरा पुलिस ने कार्यवाही करते हुए फर्जी ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर रक्त एकत्रित कर उसके विक्रय करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बिना अनुमति के कैंप आयोजित कर लोगों को गुमराह कर रहे थे। जिला एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद खारिया और वृताधिकारी मकराना विक्की नागपाल के सुपरविजन में गच्छीपुरा थानाधिकारी महावीर सिंह के नेतृत्व में ये कार्यवाही की गई। 

 
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मामले के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली कि गच्छीपुरा कस्बे में एक ब्लड डोनेशन कैंप चल रहा है, जो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां मुकेश गोदारा, अमन जाट और प्रधान चौधरी मौजूद मिले। पूछताछ के दौरान कैंप के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गच्छीपुरा और जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी नागौर से जानकारी ली गई तो सामने आया कि इस कैंप की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि असली अनुमति डीडवाना-कुचामन के दीनदारपुरा बस स्टैंड के लिए ली गई थी, लेकिन आरोपियों ने दस्तावेजों में काट-छांट कर स्थान को गच्छीपुरा दर्शा दिया।
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी सुशीला चौधरी की रिपोर्ट पर गच्छीपुरा थाने में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
 
 
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ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
 
मुकेश गोदारा (22) निवासी गिंगालिया, जिला डीडवाना-कुचामन।
अमन जाट (23) निवासी सोयला, जिला टोंक।
प्रधान चौधरी (24) निवासी श्योसिंगपुरा, जिला जयपुर.
 
महावीर सिंह चौधरी पुलिस निरीक्षक व थानाधिकारी गच्छीपुरा, सुन्दर सिंह सहायक उप निरीक्षक, मनोहर लाल हेड कांस्टेबल, विकास कांस्टेबल, बलवीर भींचर कांस्टेबल, रामदेव कांस्टेबल और धर्माराम कांस्टेबल को शामिल कर बनाई गई पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

 इस मामले पर पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने कहा कि आमजन की सेहत से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि फर्जी तरीके से ब्लड एकत्रित कर उसका विक्रय करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थानाधिकारी गच्छीपुरा महावीर सिंह ने कहा कि आरोपियों ने अनुमति पत्र में हेरफेर कर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की थी। पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार और किन-किन स्थानों से जुड़े हुए हैं।


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