कुचामन : णमोकार महामंत्र से होता है सभी आत्माओं का कल्याण : विशुद्ध सागर महाराज
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Wed, 15-Apr-2026 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : परम पुज्य पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री 108 विकसंत सागर जी महाराज के सानिध्य मे धाटीकुवा स्थिति तेरहपंथी जैन मन्दिर में जलाभिषेक, शान्तिधारा भक्ति भाव से करवाई गई. शान्तिधारा के पुण्याजर्क श्रीमती गुणमाला देवी कैलाश चन्द,निर्मल कुमार, अमित, उमंग अरिहंत पांड्या परिवार को शान्तिधारा करने का सोभाग्य मिला।
उपाध्याय ने अपने प्रवचन मे धार्मिक वही है जो दुसरो को दुख देने का जरा सा ही भाव नही करे. सभी आत्माये एक समान हाई मृत्यु व वैराग्य की कोई उमर नही होती है. सभी आत्माओं कि सम्मान व कल्याण की भावना करनी चाहिए। णमोकार महामंत्र की महीमा मे बताया की नाग नागीन को मरते समय णमाेकार सुनाने से जीव देवगती जाकर अपना कल्याण किया. यह महामंत्र अनाघि अंनत व सबके लिए मगंलकारी है. प्रवचन के पश्चात सभी के लिए श्रीमती सन्तोष देवी सन्तोष पहाडिया परिवार द्वारा अल्पाहार का आयोजन रखा गया।