प्याज का उचित भाव नहीं, मजदूर और बारदाना महंगे, किसान परेशान
![]() |
सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Mon, 16-Mar-2026 |
|---|
कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : क्षेत्र के किसानों को इन दिनों भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में प्याज के दाम गिरने से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर खेतों में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी बढ़ने और बारदाना के दामों में बढ़ोतरी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन मंडियों में फसल बेचते समय उन्हें उचित कीमत नहीं मिलती, जिससे किसान घाटे में जा रहे हैं। प्याज की फसल तैयार होने के बाद भी मंडियों में किसानों को लागत से कम भाव मिल रहे हैं। किसान नेता परसाराम बुगालिया ने मीडिया के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए कहा कि “प्याज उत्पादक किसानों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। बाजार में प्याज का उचित भाव नहीं मिल रहा है, मजदूरों की मजदूरी महंगी हो गई है और ऊपर से बारदाना के भाव भी बढ़ा दिए गए हैं।
इससे किसानों के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर प्याज व सब्जियों के उचित दाम सुनिश्चित करने चाहिए तथा बारदाना के बढ़े हुए दामों पर नियंत्रण करना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। वहीं किसान जगदिश ढ़ाका ने बताया कि प्याज की फसल तैयार करने में किसानों की काफी लागत लगती है लेकिन मंडी में भाव इतने कम मिल रहे हैं कि लागत भी नहीं निकल पा रही। ऐसे में किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
किसान हनुमानराम चौधरी, मुनाराम महला, कमलकांत डोडवाडिया, भागुराम बिजारणिया, बिरमाराम बांगड़वा, मदनलाल ढ़ाका, झूमरमल बिजारणिया ने कहा कि एक तरफ मजदूर महंगे मिल रहे हैं और दूसरी तरफ बारदाना के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में खेती करना किसानों के लिए दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। सरकार को किसानों की परेशानी समझते हुए तुरंत कदम उठाने चाहिए। किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्याज और सब्जियों के उचित दाम सुनिश्चित किए जाएं तथा खेती से जुड़े जरूरी सामानों के बढ़ते दामों पर नियंत्रण कर किसानों को राहत दी जाए।