कुचामन : भूणी के मूर्तिकार ने रचा इतिहास, डॉ. श्रीराम स्वामी का अंतरराष्ट्रीय वल्र्ड रिकॉर्ड में चयन
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Fri, 13-Mar-2026 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : राजस्थान के मकराना की प्रसिद्ध संगमरमर मूर्तिकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। मकराना के युवा मूर्तिकार डॉ. श्रीराम स्वामी का चयन प्रतिष्ठित संस्था लंडन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में किया गया है। डॉ. श्री राम स्वामी अटोम मार्बल मूर्ति वल्र्ड एवं हेंडिक्रॉफ्ट के संस्थापक एवं मास्टर स्कल्प्टर हैं।
उन्हें वल्र्ड फास्टेस्ट एवं फिनेस्ट मकराना मार्बल मूर्ति आर्टिस्ट के रूप में चुना गया है। उनकी विशेषता यह है कि वे मकराना संगमरमर से कम समय में बेहद उत्कृष्ट, जीवंत और भव्य मूर्तियाँ तैयार करते हैं। उनकी कला और मेहनत को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान दिया जा रहा है।
-मुंबई में होगा सम्मान समारोह
इस उपलब्धि के लिए एक भव्य कार्यक्रम 18 अप्रैल 2026 को रेडियेशन ब्लू मुम्बई इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
-मकराना की शिल्प परम्परा को मिली नई पहचान
मकराना सदियों से संगमरमर और मूर्तिकला के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. श्री राम स्वामी ने अपने हुनर और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान बनाई है।
डॉ. श्री राम स्वामी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि मकराना की ऐतिहासिक शिल्पकला और भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य मकराना मार्बल मूर्तिकला को विश्व स्तर पर और ऊँचाई तक पहुँचाना है।