माहे रमजान में रहमतों की हो रही है बरसात : डीडवाना शहर काजी
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अबरार अली बेरी | Fri, 27-Feb-2026 |
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डीडवाना(नागौर डेली न्यूज) : माहे रमजान का पहला असरा अब जाने वाला है यह पहले दस रोजे अल्लाह की रहमतों के रोजे है इस दौरान अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बरसात करता है। काजी ए शहर जनाब रेहान उस्मानी साहब ने पुरानी ईदगाह में माहे रमजान के दूसरे जुम्मा का खिताब देते हुए यह बात कही,
उन्होंने कहा कि यह महीना ओर महीनों से अफजल है इसका एहतराम कीजिए अल्लाह इसका अजर देगा। अपने खिताब में काजी ए शहर ने कहा कि माहे रमजान में हर जानदार मुस्लमान पर दो किलो पैंतालिस ग्राम अनाज जो आप खाते है वो सदका ए फितर वाजिब है या तो इतना अनाज या फिर पिचहतर रुपए इसकी कीमत एक व्यक्ती के हिसाब से फ़ितरा अदा करें,
काजी-ए-शहर ने कहा कि रोजा तर्क करना ठीक नहीं बिना किसी वाजिब वजह के अगर रोजा छोड़ रहे है तो वो लोग गुनाहगारों की तरह देखें जायेंगे, इस दौरान उन्होंने जकात का भी जिक्र किया उन्होंने बताया कि जिस शख्स के पास साढ़े सात तोला सोना या बावन तोला चांदी है वो मालिक ए निसाब है उसे अपने माल का चालीसवां हिस्सा यानी ढाई प्रतिशत जकात देनी फर्ज है।
काजी-ए-शहर ने कहा कि यह बड़ी बरकतों वाला महीना है इसका ज्यादा से ज्यादा एहतराम करें और सदका ए फितर और जकात की अदायगी जल्दी करना सुन्नत है । इस दौरान मुल्क की बहबुदी, क्षेत्र की तरक्की, भाईचारा, खुशहाली की दुआएं की गई।