लाडनूं(नागौर डेली न्यूज) : जमीअत अहले हदीस संस्था लाडनूं के तत्वावधान में अमन कॉन्फ्रेंस व इस्तकबाल रमजान कार्यक्रम का जावा बास में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न उलेमाओं ने मुस्लिम समाज को न्याय पालिका, महिला शिक्षा एवं चिकित्सा की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
शेख कमालुद्दीन सल्फी ने कहा कि महिलाओं का सुधार पूरे समाज का सुधार है उनका प्रभाव पूरे समाज पर रहता है। उन्होंने चुगल खोरी से बचने और अपने शौहर की इताअत करने की हिदायत दी। फजीलतु डॉ. शमीम फौजी मदनी मुंबई ने नौजवानों में बुराईयों का इलाज विषय पर बोलते हुए कहा कि शराब, नशा, तंबाकू सभी सेहत के लिए हानिकारक है और इस्लाम ने शराब को हराम बताकर नशा करने से बचने की हिदायत भी दी है।
उन्होंने आधुनिक शिक्षा के नाम पर फैल रही बुराईयों से समाज को बचाने के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। मुस्लिम समाज की इस्लामिक शिक्षा से दूरी और बुरी संगत को उन्होंने सबसे बड़ा नुकसान बताया उन्होंने लाडनूं क्षेत्र में महिला शिक्षा के लिए मुस्लिम कॉलेज का निर्माण करने के लिए भामाशाहों को भी आगे आने का आह्वान किया।
चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में विकास जरूरी :
फजीलत शेख डॉ. सैयद मेराज रब्बानी मदनी ने अपने बयानों में तौहीद, शिर्क, सुन्नत और बिदआत पर कुरआन व हदीस से रोशनी डाली। उन्होंने मुस्लिम समाज के हालात सुधारने के लिए लाडनूं में महिला हॉस्पिटल बनवाने की अपील की उन्होंने अपने बच्चों को अच्छे वकील और डॉक्टर बनाने की सलाह दी। साथ ही शादियों में दहेज के लेन देन पूरी तरह से बंद करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। अंत में जनता के सभी सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर प्रदेश भर से बड़ी संख्या में उलेमा और जमीअत अहले हदीस के लोग मौजूद रहे।