विज्ञापन

पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल : बेकार बोरियों और मंदिर के नारियल के रेशों से तैयार 'कोको-जूट रूट' में होगा बीजारोपण

सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक Sun, 18-Jan-2026

कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए, बरगद संरक्षण फाउंडेशन द्वारा बेकार पड़ी बोरियों और मंदिरों से निकलने वाले नारियल के छिलकों का उपयोग कर 'कोको-जूट रूट' (Coco-Jute Root) तैयार किए गए हैं। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य शून्य अपशिष्ट  की अवधारणा को साकार करना और प्लास्टिक की सिंगल यूज थैलियों के विकल्प के रूप में जैविक माध्यम को बढ़ावा देना है।

 
 
विज्ञापन
क्या है 'कोको-जूट रूट' ?
 
अक्सर मंदिरों में चढ़ाए गए नारियल के छिलके और पुरानी जूट की बोरियां कचरे के रूप में फेंक दी जाती हैं। इस नवाचार के तहत, नारियल के रेशों (Coir) और जूट की बोरियों को एक साथ संयोजित कर प्राकृतिक 'रूट' या प्लांटर तैयार किए गए हैं। ये पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल (Bio-degradable) हैं और पौधों की जड़ों को प्राकृतिक रूप से नमी प्रदान करने में सक्षम हैं।
 
 
 
 
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने नवाचार को प्रोत्साहित किया. राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल जयपुर के चेयरपर्सन ने इस नवाचार को विभाग के न्यूज लेटर में प्रकाशित करके दूसरों के लिए प्रेरणा बताया ।
 
बीजारोपण कार्यक्रम :
 
आगामी  बसंत पंचमी के बाद  एक विशेष बीजारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें इन तैयार 'कोको-जूट रूट' में औषधीय और फलदार पौधों के बीज रोपे जाएंगे। नारियल का रेशा पानी सोखने की अद्भुत क्षमता रखता है, जिससे पौधों को कम पानी में भी लंबे समय तक जीवित रखा जा सकता है।
फाउंडेशन से जुड़े डॉक्टर राजेश चौधरी ने बताया इस नवाचार से कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और पौधों की सर्वाइवल रेट ज्यादा रहेगी साथ ही महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। फाउंडेशन के निदेशक नेता राम कुमावत ने बताया कि, "हमारा लक्ष्य आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना है। मंदिरों के कचरे को खाद और प्लांटर में बदलकर हम न केवल प्रदूषण कम कर रहे हैं, बल्कि हरियाली भी बढ़ा रहे हैं। यह 'कोको-जूट रूट' भविष्य में नर्सरी और गृह-वाटिका के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा।" उन्होंने बताया कि हमने 1000 कोको जूट रूट बनाने का लक्ष्य रखा है।

विज्ञापन
( Connecting with social media platform )
App | E-paper   | Facebook   | Youtube
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

( नागौर डेली की लेटेस्ट न्यूज़ अपने व्हात्सप्प पे प्राप्त करने के लिए ग्रुप ज्वाइन करे )
Click to join Group

Latest News