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कुचामन में बाल विवाह व घरेलू हिंसा रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान आयोजित

सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक Tue, 05-May-2026

कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : कुचामन सिटी में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में “परिवर्तनकारी मंगलवार अभियान” के तहत बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम लांबा और ग्राम हीरानी में विधिक जागरूकता शिविर लगाए गए, जहां लोगों को कानून और सामाजिक कुरीतियों के बारे में जानकारी दी गई।

 

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बाल विवाह और घरेलू हिंसा पर जानकारी

अधिकार मित्र मनीष कुमार शर्मा ने ग्राम लांबा में आयोजित शिविर में बताया कि बाल विवाह और घरेलू हिंसा समाज की जड़ों को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। वहीं घरेलू हिंसा केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आर्थिक शोषण भी है, जिसके खिलाफ महिलाओं को संरक्षण देने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 लागू है।

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समाज को जागरूक बनने का संदेश

ग्राम हीरानी में जागृति इकाई के सदस्य तहसीलदार कैलाश इनाणिया ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और विशेषकर बालिकाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया तथा समाज से गलत परंपराओं का विरोध करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाल विवाह व घरेलू हिंसा मुक्त समाज बनाने की शपथ भी ली।

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां

इसके साथ ही 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन को लेकर भी बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्री-लिटिगेशन मामलों का अधिक से अधिक निस्तारण करें और गांव-गांव जाकर लोक अदालत के प्रति जागरूकता फैलाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।


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