विज्ञापन

आशा इकाई, जागृति इकाई, नई चेतना 4.0, मध्यस्थता अभियान 2.0 एवं बाल-वाहिनियों के सम्बन्ध में दिए दिशा-निर्देश

सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक Tue, 06-Jan-2026

कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला एवं सेशन न्यायाधीश, डीडवाना नाहरसिंह मीणा के निर्देशन में अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल द्वारा उपखण्ड अधिकारी विश्वामित्र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल नेहरा, उप-पुलिस अधीक्षक मुकेश चौधरी, थानाधिकारी कुचामन सतपालसिंह, थानाधिकारी चित्तावा तेजाराम, रोडवेज प्रबन्धक सुजल महर्षि, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेशसिंह के साथ बैठक का आयोजन किया गया। 

 
विज्ञापन
मीटिंग को सम्बोधित करते हुए खारोल ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना-कुचामन के निर्देशानुसार कुचामन ताल्लुका क्षेत्र को बाल-विवाह मुक्त, नशा मुक्त, साइबर अपराध पर रोकथाम, मध्यस्थता के प्रति आमजन को जागरूक करने के विधिक अवयेरनेस कार्यक्रम किए जाने प्रस्तावित है।   
 
इसी क्रम में बैठक उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए खारोल ने कहा कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के मध्यस्थता सबसे उपयुक्त माध्यम है। पक्षकारों को जारी किए गए नोटिस की तामील की सुनिश्चता के लिए पाबन्द किया गया। बाल-वाहनियों का संचालन सुचारू रूप से करने के लिए समय-समय निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके साथ ही साइबर अपराध, नशा मुक्ति अभियान, बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत जागरूकता करने के लिए निर्देशित किया जिसमें उक्त अधिकारियों द्वारा तालुका विधिक सेवा समिति में कार्यरत  पैनल अधिवक्ता एवं अधिकार मित्र से सहयोग प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया गया। 
 
विज्ञापन
अशा इकाई, जागृति ईकाई के सदस्यों को विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दिए निर्देश :  
 
मीटिंग को संबोधित करते हुए न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायाल गठित यूनिट जागृति एवं आशा इकाई में बतौर सदस्य उपखण्ड अधिकारी, थानाधिकारी भी विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन करते हुए आमजन को बाल-विवाह, साइबर अपराध, समाजिक कुरितियों एवं विधिक कानूनों से अवगत करावें एवं कार्यक्रम की रिपोर्ट यथासमय प्रेषित करावाने के निर्देश दिए गए।  
 
विज्ञापन
बाल-वाहिनियों की सुरक्षा के सम्बन्ध में दिए निर्देश
 
बालकों की सुरक्षार्थ सरकारी व निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों के आवागमन के लिए बाल-वाहिनियों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप संचालन करवाने के  निर्देश दिए गए। मिटिंग को संबोधित करते हुए श्री खारोल ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है इनकी सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम नहीं ले सकते है।

विज्ञापन
( Connecting with social media platform )
App | E-paper   | Facebook   | Youtube
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

( नागौर डेली की लेटेस्ट न्यूज़ अपने व्हात्सप्प पे प्राप्त करने के लिए ग्रुप ज्वाइन करे )
Click to join Group
विज्ञापन

Latest News