कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। श्री श्री 1008 श्री टोडदास जी महाराज आश्रम में श्री श्री 1008 श्री महावीरदास जी महाराज (मस्ताना जोगी) की 23वीं बरसी श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाई गई। समारोह में सांगलिया धूणी पीठाधीश्वर श्री श्री 108 श्री ओमदास जी महाराज सहित विभिन्न धूणियों एवं आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं का पावन सान्निध्य रहा। संतों के आगमन से आश्रम में भव्य संत समागम का वातावरण बना।
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कार्यक्रम के दौरान समाधि पूजन, सत्संग, भजन-कीर्तन एवं विशाल प्रसादी का आयोजन हुआ। श्री टोडदास जी महाराज आश्रम के संत श्री लक्ष्मणदास जी महाराज ने पधारे हुए संत-महात्माओं का भेंट-पूजन कर सम्मान किया। इस अवसर पर संत परंपरा, आध्यात्मिक आस्था और परस्पर सम्मान की अनुपम झलक देखने को मिली।
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ओमदास जी महाराज का संदेश—धर्म के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता और मानव सेवा को दें प्राथमिकता
सांगलिया धूणी पीठाधीश्वर श्री ओमदास जी महाराज अपने आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से समाज में धर्म, सदाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समानता एवं मानव सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते रहे हैं। उनका संदेश समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने, जातिगत भेदभाव मिटाने, सभी वर्गों को समान सम्मान देने तथा जनकल्याण के कार्यों में सहभागिता बढ़ाने पर केंद्रित रहा।
संतों की वाणी और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं को धर्म के प्रति आस्था बनाए रखने के साथ-साथ सेवा, सद्भाव, परोपकार और सामाजिक एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। समारोह ने आध्यात्मिक चेतना के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
संत-महात्माओं के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
बरसी महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत-महात्माओं के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। भजन-कीर्तन एवं सत्संग से पूरा आश्रम भक्तिमय हो उठा। संतों के भव्य संगम ने धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक एकता और आपसी सद्भाव की महत्ता को उजागर किया।
सांगलिया धूणी पीठाधीश्वर श्री ओमदास जी महाराज के सेवक गिरधारी महला ने जानकारी देते हुए बताया कि महावीरदास जी महाराज की 23वीं बरसी पर आयोजित इस समारोह में संत-महात्माओं का पावन सान्निध्य श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र रहा। कार्यक्रम के माध्यम से धर्म, शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता, मानव सेवा और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।