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मोतियाबिंद संक्रमण मामले ने पकड़ा तूल, पीड़ित के घर पहुंचे आर एल पी कार्यकर्ता, बेनीवाल ने फोन पर पीड़ित परिवार को दिया न्याय का भरोसा

हितेश रारा Wed, 26-Aug-2026

मारोठ(नागौर डेली न्यूज) :  कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में संक्रमण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक मरीज की आंख की रोशनी जाने और आंख निकालने की नौबत आने के बाद सोमवार को पीड़ित मरीजों के परिजन व ग्रामीणों ने डीडवाना पहुंचकर जिला कलेक्टर एवं जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, प्रभावित मरीजों का सरकारी खर्च पर उपचार और उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही प्रशासन को 7 दिन का समय देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

 
 
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ज्ञापन में बताया गया कि 28 जुलाई को कुचामन जिला अस्पताल में सात मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीजों की आंखों में संक्रमण के लक्षण सामने आए। हालत गंभीर होने पर पांच मरीजों को एसएमएस अस्पताल जयपुर तथा दो मरीजों को जेएलएन अस्पताल अजमेर रेफर किया गया।
 
खेमाराम की आंख की रोशनी गई, निकालने की नौबत
 
शेरपुरा लूणवां निवासी 61 वर्षीय खेमाराम पुत्र अर्जुन राम , मीरा देवी पत्नी मोहनलाल मेघवाल निवासी चितावा , हीराराम पुत्र भगवान राम निवासी चितावा , नारायणी देवी पत्नी मनरूप राम  निवासी बोरावड, गोकुल कंवर पत्नी प्रहलाद सिंह निवासी तोषिणा की हालत सबसे गंभीर बताई गई है। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन से पहले आंख से दिखाई देता था, लेकिन ऑपरेशन के बाद संक्रमण बढ़ने से उनकी आंख की रोशनी चली गई। चिकित्सकों ने संक्रमण के चलते आंख निकालने या बैठाने की नौबत बताई है। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले खेमाराम के परिवार के सामने इलाज के साथ भविष्य की रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
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ओटी सीज, सैंपल जांच के लिए भेजे
 
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सीज किया गया था। चिकित्सा विभाग की टीमों ने ओटी, इंजेक्शन, दवाइयों और उपकरणों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। वहीं एसएमएस जयपुर में भर्ती मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड भी गठित किया गया है। ग्रामीणों ने संक्रमण के वास्तविक कारणों की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
 
सातों मरीजों का सरकारी खर्च पर उपचार मांगा
 
पीड़ितों ने सातों प्रभावित मरीजों का उच्च स्तरीय उपचार सरकारी खर्च पर कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर जयपुर या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की मांग की। खेमाराम की आंख की रोशनी जाने और आंख निकालने की स्थिति को देखते हुए तत्काल आर्थिक सहायता व उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।
 
 
पीड़ित के घर पहुंचे आरएलपी  कार्यकर्ता
 
इधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद आर एल पी  कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग पीड़ित खेमाराम के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
 
इस दौरान आर एल पी कार्यकर्ता रामनिवास पोशक ने मौके से ही आर एल पी सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से पीड़ित परिवार की मोबाइल पर बात करवाई। बातचीत के दौरान बेनीवाल ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में उचित कार्रवाई करवाने का भरोसा दिया। इसके बाद परिवार को मामले में कार्रवाई की उम्मीद जगी।
 
7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
 
ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि में उपचार, राहत और मुआवजे को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने ऑपरेशन थिएटर, उपकरणों, दवाइयों और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था की विशेष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधार कराने की भी मांग की।
 
ज्ञापन देने वालों में सुवा राम चौधरी, ओमा राम कुड़ी, चेना राम, गोविंद राम जाट, शीशपाल चौधरी, सुमेर सिंह, बजरंग लाल ढाका, मूला राम भांभू, कालूराम वर्मा, शंकरलाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
 
इनका कहना है 
उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करवा दिया गया है उचित कार्रवाई की जाएगी । पीड़ित परिवार को सहयोग व न्याय मिले इसके लिए प्रकिया की जारी है। नरेंद्र कुमार सीएमएचओ डीडवाना कुचामन।
 
 
 
 

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