कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज)। गैंगस्टर रोहित गोदारा–वीरेन्द्र चारण गैंग द्वारा भाजपा नेता विजयसिंह पलाड़ा सहित व्यापारियों को रंगदारी की धमकियों के विरोध में मंगलवार को शहर में जबरदस्त जनआक्रोश देखने को मिला। प्रातः से ही लोग किनोई पार्क में एकत्र होने लगे और दोपहर तक हजारों की भीड़ उमड़ गई। सभा के बाद काले झंडों के साथ रैली लॉयन सर्किल व स्टेशन रोड होते हुए पुलिस थाने पहुंची, जहां धरने में तब्दील हो गई। आंदोलन में सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी भी रही।
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सभा को संबोधित करते हुए भंवरसिंह पलाड़ा ने गैंगस्टर्स को खुली चुनौती देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। एडवोकेट शीला गोगामेड़ी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई, वहीं पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया ने अपराधियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया। महिपालसिंह मकराना ने आमजन को संगठित होने की जरूरत बताई। खो-खो संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराजसिंह पलाड़ा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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धमकी पीड़ित विजयसिंह पलाड़ा ने कहा कि लगातार वॉइस मैसेज मिल रहे हैं, परिवार पर भी दबाव है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं और रंगदारी की प्रवृत्ति का विरोध जारी रहेगा।
धरने में डीडवाना–कुचामन, नागौर के साथ अजमेर व जयपुर से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रमुख रूप से सुनीता रांदड़, श्यामप्रतापसिंह रुवां, जितेन्द्रसिंह जोधा, रूपाराम मुरावतिया, ज्ञानाराम रणवां, गोविन्दराम शेषमां, नारायणसिंह मिण्डकिया, करणीसिंह, मनोहरसिंह रूपपुरा, ओमप्रकाश काबरा, आसिफ खान, बाबूलाल कुमावत, पूजा कुमावत, दानाराम राठी, देवीलाल दादरवाल, लालाराम अणदा, राजकुमार फौजी, मनोज जोशी, कर्नल नन्दकिशोर ढाका, हेमराज चावला, कैलाश मेघवाल, अनिलसिंह मेड़तिया, सुरेन्द्रसिंह अडाणी, मुकेशसिंह रूपपुरा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व विभिन्न समाजों के लोग मौजूद रहे।
धरनास्थल पर पहुंचे जिला कलेक्टर महेन्द्र खड़गावत व एसपी ने गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल ने थाने में वार्ता के दौरान कानून व्यवस्था, रमेश रुलानियां हत्याकांड और बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर तीखी नाराजगी जताई। आंदोलन के समर्थन में शहर में दोपहर 1 बजे तक पूर्ण बंद रहा, सब्जी व फल मंडी तथा चाय की दुकानें भी बंद रहीं। भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
आंदोलन की झलकियां-
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, सभी समाज–धर्मों की मौजूदगी, कुछ भाजपा नेताओं द्वारा अपनी ही सरकार पर सवाल, व्यापारियों में भय का माहौल और रंगदारी देने की चर्चाएं प्रमुख रहीं।