कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : कुचामन शहर के बहुचर्चित फिरौती प्रकरण में जमानत पर बाहर आए सफीक खान शनिवार को कुचामन ईदगाह में सेलीब्रेटी के रूप में दिखे। हर बार जहां नेताओं के साथ सेल्फी की होड़ रहती है वहीं इस बार युवाओं में सफीक खान के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। ईदगाह के मुख्य द्वार पर सफीक खान के पोस्टर्स लगे दिखे। नमाज से पहले व बाद में सैकड़ों की संख्या में युवा सफीक खान के गले लगकर ईद मुबारक करने व सेल्फी के लिए इंतजार करते दिखे। कानून की नजर में भले ही सफीक खान पर रोहित गोदारा को लोकल व्यापारियों के फोन नम्बर देने का आरोप है लेकिन ईदगाह में मौजूद अधिकांश युवा इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना था कि ये सबकुछ स्क्रीपटेड था। दोष सिद्ध होने से पहले ही हाथों में हथकडिय़ां डालकर बाजारों में जुलूस निकाल देना कहां तक उचित है ?
युवा सफीक खान को अपना मसीहा बताने से नहीं चुके। उनका कहना था कि सफीक जरूरतमंदों की मदद करता है व कमजोर व शोषित लोगो की आवाज बनता है। वहीं सफीक खान ने नागौर डेली न्यूज से बात करते हुए कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है, जल्द ही वे बाइज्जत बरी होकर आएंगे। सफीक खान ने कहा कि सिर्फ आरोप लगाने से कोई दोषी नहीं हो जाता। मामला कोर्ट में है जल्द ही दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा। देश के कानून पर सबको विश्वास रखना चाहिए।
-हॉल ही में वाहनों के काफीले व सैकड़ों समर्थकों के साथ हुई थी सफीक की कुचामन में एन्ट्री
कुचामन शहर का बहुचर्चित फिरौती प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। चर्चा इस बार सफीक खान उर्फ ‘भाईसाब’ उर्फ ‘लाला’ को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद कुचामन में हुई ग्रांड एन्ट्री की है। हॉल ही में हुई जमानत के बाद वाहनों के भारी काफीले व सैकड़ों समर्थकों के साथ हुई इस एन्ट्री की रिल्स ना केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है बल्कि हर गली-चौराहे एवं चाय की थडिय़ों पर इस केस की चर्चाएं पुन: शुरू हो गई है। जेल से बाहर निकलने, बाजारों में लोगो द्वारा साफे व मालाएं पहनाने व खान मोहल्ले में पहुंचने के बाद हजारों की संख्या में लोगों के उमड़े जनसैलाब के वीडियों व रिल्स पर लाखों में व्यूज आ रहे हैं।
-परेड के बाद बढ़ी लोकप्रियता
युवा डॉनगिरी ना करें व डॉनगिरी करने वालों को आदर्श ना माने इसलिए गिरफ्तार चारों युवकों की पुलिस ने हथकडिय़ां डाकलकर कुचामन शहर के मुख्य स्टेशन रोड से डीडवाना रोड तक परेड निकलवाई। हालांकि पुलिस का कहना था कि कोर्ट में पेश करने के लिए चारों को लेकर गए थे, फिर भी उद्देश्य यहीं था कि युवा इन्हें अपना आदर्श ना माने लेकिन इस परेड के बाद इसका उलटा असर हो गया।
युवाओं के एक बड़े वर्ग को बिना जुर्म साबित हुए इस प्रकार परेड निकलवाना नागवार गुजरा। वहीं फिरौती प्रकरण में ही दुबई से गिरफ्तार कर लाए गए आदित्य जैन को ना हथकड़ी लगाई गई और ना ही परेड निकलवाई गई। ये बात युवाओं के मन में ओर घर कर गई। यही कारण रहा कि जेल जाने के बाद सफीक खान की लोकप्रियता में यकायक ईजाफा हो गया।
जमानत मिलने के बाद पहली बार कुचामन पहुंचने पर नारायणपुरा तिराहे से ही बाइक व कारों में सवार सैकड़ों समर्थक सफीक खान के साथ हो गए थे। कुचामन में स्टेशन रोड, लॉयन्स सर्किल, गोल प्याऊ व अन्य जगहों पर सफीक खान का साफा व माला पहनाकर व गुलाब की पत्तियां डालकर स्वागत किया गया था। वहीं खान मोहल्ला पहुंचने पर हजारों की संख्या में महिलाओं व पुरूषों का जनसैलाब स्वागत में उमड़ पड़ा था।