कुचामन में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी का ठेका रद्द करने की मांग
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सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक | Tue, 15-Jul-2025 |
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कुचामनसिटी(नागौर डेली न्यूज) : शहर को स्वच्छ रखने के लिए शहर में चलाई डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए कंपनी को ठेका दिया गया है लेकिन लापरवाही के चलते यह योजना फ्लाप होती नजर आ रही है। सरकार स्वच्छता मिशन को लेकर काफी धन खर्च कर रही है, लेकिन कुचामन नगर परिषद प्रशासन की मॉनिटरिंग की लापरवाही के कारण मिशन पूरी तरह से गति नहीं पकड़ पा रहा है। नगर परिषद से डोर-टू डोर कचरा उठान का टेंडर लेने वाली एजेंसी के खिलाफ भगतसिंह की यूथ ब्रिगेड के प्रदेशअध्यक्ष एवं विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष परसाराम बुगालिया ने नगर परिषद कुचामन सिटी के आयुक्त को शहर में सफाई व्यवस्था सुचारु करवाने को लेकर एक मांग पत्र सौंपा तथा टेंडर रद्द करने और रिकवरी किए जाने की मांग की है।
कचरा उठाने में भी टेंडर की शर्तों और गाइडलाइंस का उल्लंघन किया जा रहा है। नियमानुसार कचरा उठान शहर से नहीं हो रहा है। नगर परिषद आयुक्त को जनहित की समस्या का मांग पत्र देते हुए लिखा है कि समाचार पत्रों में भी इस तरह के समाचार प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई भी कार्रवाई ठेका लेने वाली एजेंसी पर नहीं की गई है। शिकायत की है कि ठेकेदार द्वारा कचरा नहीं उठाया जा रहा है, जिसके कारण शहर में गंदगी फैल रही है। ठेकेदार नियमित रूप से कचरा नहीं उठा रहा है, जिसके कारण सडक़ो व घरों केआसपास गंदगी जमा हो रही है। ठेकेदार द्वारा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है, जिससे शहर में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
ठेकेदार कचरा उठाने के लिए लापरवाही बरत रहा है और शहर को साफ रखने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है नगर परिषद से ठेकेदार का ठेका निरस्त करने और शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की मांग पत्र मे लिखा है की शहर को स्वच्छ रखने के लिए शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए कंपनी को ठेका दिया गया है लेकिन लापरवाही के चलते यह योजना फ्लाप होती नजर आ रही है शहर के कुछ वार्डों में कई दिनों से गाड़ी नहीं पहुंच रही है जिससे लोग परेशान हैं कचरा गाड़ी न पहुंचने के कारण लोग या तो घर में कचरा जमा करके रखे हुए हैं या फिर सडक़ों पर फेंक रहे हैं ऐसा समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुआ है.
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने के लिए नगर परिषद ने निजी कंपनी को ठेका देकर परिषद ने कंपनी को रुपये तो निर्धारित कर दिया है लेकिन गाडिय़ां वार्डों में पहुंच रही हैं या नहीं इसकी मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है जिससे गाड़ी चालक और ठेका कंपनी मनमर्जी से काम कर रहे है जिसको लेकर इस कंपनी पर कार्रवाई की जानी चाहिए कचरा उठाने में भी टेंडर की शर्तों और गाइडलाइंस का उल्लंघन किया जा रहा है जिससे तुरंत प्रभाव से ठेका निरस्त करके रिकवरी करके जुर्माना लगाना चाहिए।