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सूखा बाबा की ढाणी का आम रास्ता अतिक्रमण व जलभराव से बदहाल : 8 मीटर चौड़ा रास्ता कई जगह 2 मीटर तक सिमटा, स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान

हितेश रारा Fri, 07-Aug-2026

मारोठ(नागौर डेली न्यूज) : सीकर-अजमेर मुख्य सड़क पर स्थित पुलिस थाना बोर्ड मारोठ से सूखा बाबा की ढाणी जाने वाला सार्वजनिक मार्ग इन दिनों अतिक्रमण और जलभराव की दोहरी समस्या से जूझ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उपेक्षित इस रास्ते पर लगातार हो रहे अतिक्रमण और पिछले कई महीनों से बह रहे गंदे पानी के कारण आमजन का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण सीताराम अरुण सहित कई युवाओं ने ग्राम पंचायत तथा 181 संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

 
 
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ग्रामीणों के अनुसार करीब 8 मीटर चौड़ा सार्वजनिक रास्ता दोनों ओर किए गए अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर घटकर मात्र 2 मीटर रह गया है। सड़क किनारे पत्थर, बजरी, निर्माण सामग्री और अन्य सामान डाल दिए गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। अतिक्रमण हटाने की बात करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोग रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
 
कीचड़ से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल
 
ग्रामीणों का कहना है कि मारोठ गांव के आधे से अधिक हिस्से का गंदा पानी पिछले कई महीनों से इसी मार्ग पर बह रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर हर समय कीचड़ और जलभराव बना रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई बच्चे फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। वहीं लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
 
 
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गौरव पथ पर भी वही हाल, नालियां नहीं बनने से बढ़ी परेशानी
 
ग्रामीणों ने बताया कि गौरव पथ सड़क के निर्माण के दौरान दोनों ओर नालियों का निर्माण नहीं किया गया। इसका परिणाम यह है कि बरसाती और गंदा पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। सड़क के किनारे कई लोगों ने पत्थर, खाद और खेतों की बाड़ बढ़ाकर अतिक्रमण कर रखा है, जिससे मार्ग और संकरा हो गया है तथा हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है।
 
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
 
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत को कई बार मौखिक और लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, नालियों का निर्माण करवाने, मार्ग की सफाई कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
 
 
उग्र आंदोलन की चेतावनी
 
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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