रमजान के दूसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब
| मोहम्मद शहजाद | Fri, 27-Feb-2026 |
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मकराना(नागौर डेली न्यूज)। माह-ए-रमजान के दूसरे जुमे (शुक्रवार) के अवसर पर आज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में अकीदत और रूहानी मंजर देखने को मिला। दोपहर कि गर्मी के बावजूद, रोजेदारों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मस्जिदों में एकत्र होकर जुमे की विशेष नमाज अदा की और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआएं मांगी।
शहर के क़र्बला चौक स्थित सुन्नी जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। नमाज के निर्धारित समय से काफी पहले ही मस्जिदें पूरी तरह भर गईं, जिसके चलते मस्जिद कमेटियों को मस्जिद कि छतों पर सफें (कतारें) बिछाने के विशेष इंतजाम करने पड़े। सफेद लिबास और सिर पर टोपी पहने बच्चे, युवा और बुजुर्गों का समूह एक ही पंक्ति में इबादत के लिए खड़ा नजर आया।
नमाज से पूर्व मस्जिदों के इमामो ने तकरीरे करतें हुए रमजान, ज़कात के मसाइल बताये। सुन्नी जामा मस्जिद मे मौलाना शमसुद्दीन कादरी ने रमजान के दूसरे अशरे (दूसरे 10 दिन) की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि यह समय 'मगफिरत' (गुनाहों से माफी) का है। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि बुराइयों से बचने का संकल्प है।
उन्होंने समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके की मदद के लिए जकात और सदका निकालने की अपील की गई। सदर बाजार स्थित सुन्नी शाहजहानी मस्जिद मे मौलाना मुफ़्ती वसीम रजवी ने रोजे मसाइल बताते हुए कहा कि नौजवानों को मोबाइल और फिजूलखर्ची के बजाय इबादत में वक्त बिताने की जरूरत है। नमाज के बाद मस्जिदों में विशेष दुआ का आयोजन हुआ। खुदा की बारगाह में हाथ फैलाकर लोगों ने अपनी गलतियों की तौबा की और मुल्क की सलामती, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं मांगी।