नावां(नागौर डेली न्यूज) : खारड़िया ग्राम पंचायत क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कथित अवैध कटाई को लेकर प्रकाशित खबर के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। गुरुवार को मुख्य वन संरक्षक अजमेर महेश चंद गुप्ता के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों ने मोहनपुरा वन क्षेत्र का मौका मुआयना किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं से जानकारी लेकर अवैध कटाई एवं अवैध खनन से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
मुख्य वन संरक्षक महेश चंद गुप्ता, उप वन संरक्षक डीडवाना कुचामन शुभम जैन, सहायक वन संरक्षक अजमेर हिमांशु मोहन, सहायक वन संरक्षक कमल कुमार कुमावत,रेंजर अश्विनी पारीक, फ्लाइंग रेंजर अजमेर कालूराम साहू, वनरक्षक महेंद्र राठौड़, सहित फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचा ।ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों को वन क्षेत्र में हुई कथित अवैध कटाई के स्थान दिखाए और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
एक महीने से कटाई का आरोप, 3 जेसीबी और 2 ट्रैक्टर लगाए
ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष दिए बयानों में आरोप लगाया कि करीब एक महीने से वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही थी। इस दौरान तीन जेसीबी, दो ट्रैक्टर और करीब 50 मजदूरों के काम करने का दावा किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर कटाई के पीछे ठेकेदार के साथ कुछ विभागीय कार्मिक और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत हो सकती है। उन्होंने मामले में संलिप्त हर व्यक्ति की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों ने मौके पर वीडियोग्राफी कराई और कटाई से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए। साथ ही ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। विभाग अब मामले में सामने आए तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगा।
सात दिन में तथ्य पेश करने के निर्देश
मुख्य वन संरक्षक महेश चंद गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों को पूरे मामले से जुड़े तथ्य जुटाकर सात दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध कटाई में इस्तेमाल किए गए साधनों को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
खबर के बाद अधिकारियों ने लिया संज्ञान
ग्रामीणों ने इससे पहले आरोप लगाया था कि खारड़िया क्षेत्र में करीब 100 से 200 बीघा वन भूमि में हजारों पेड़ों की कटाई की गई है। लकड़ी का उपयोग कोयला बनाने के लिए किए जाने की भी बात सामने आई थी। ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। अब विभाग की उच्चस्तरीय टीम के मौके पर पहुंचने से मामले की जांच आगे बढ़ गई है।
इनका कहना है
“पूरी टीम के साथ वन क्षेत्र का निरीक्षण किया है। अवैध कटाई हुई है। इसमें जो भी ठेकेदार के साथ सम्मिलित पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अवैध कटाई में जो भी साधन उपयोग में लिए गए हैं, उन्हें भी जब्त किया जाएगा। दोषी जो भी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी।”
— महेश चंद गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक, अजमेर
“अवैध रूप से वनों की कटाई को लेकर मुख्य वन संरक्षक अजमेर की टीम जांच-पड़ताल करेगी। जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।” यह आश्वासन मिला है और अगर 7 दिन में कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
धर्म सिंह एडवोकेट खारड़िया।