विज्ञापन

अमृत भारत स्टेशन का निर्माण भू-विवाद में फंसा, रेलवे रिकॉर्ड में गड़बड़ी से रुका प्रवेश द्वार और चारदीवारी का काम

शौकत खान Tue, 04-Aug-2026

डेगाना(नागौर डेली न्यूज) अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत डेगाना रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य अब गंभीर भूमि विवाद में उलझ गया है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार, चारदीवारी और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिए गए हैं। विवाद की वजह रेलवे की अधिग्रहित भूमि और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज क्षेत्रफल के बीच सामने आई बड़ी विसंगति है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल उसकी अधिग्रहित भूमि पर स्थित है, जबकि राजस्व अभिलेखों में भूमि का क्षेत्रफल कम दर्ज होने से अड़चन आ गई है।

 
 
विज्ञापन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रशासन, रेलवे और राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हुई, लेकिन अब तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों ने रिकॉर्ड सत्यापन और सीमांकन पूरा होने तक स्थायी निर्माण कार्य रोकने का निर्णय लिया है।
 
गोरेड़ी चाचा की रेलवे भूमि में बड़ी गड़बड़ी का दावा
  
विवाद का केंद्र गोरेड़ी चाचा गांव की रेलवे भूमि है। उत्तर पश्चिम रेलवे के सहायक मंडल अभियंता कार्यालय ने जिला कलेक्टर नागौर को भेजे पत्र में कहा है कि पुराने बंदोबस्त और वर्तमान जमाबंदी का मिलान करने पर रेलवे की भूमि का वास्तविक क्षेत्रफल कम दर्ज पाया गया है।
 
रेलवे के अनुसार खसरा संख्या 17, 18, 28 और 29 में दर्ज भूमि वास्तविक क्षेत्रफल से कम है। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार रेलवे के नाम कुल 3.3427 हेक्टेयर यानी करीब 20 बीघा 13 बिस्वा भूमि दर्ज होनी चाहिए, जबकि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में केवल 3.3186 हेक्टेयर ही दर्ज है।
विज्ञापन
रेलवे ने बताया कि खसरा संख्या 17 में करीब 0.0804 हेक्टेयर, खसरा 18 में लगभग 0.0971 हेक्टेयर, खसरा 28 में भी कम भूमि और खसरा 29 में करीब 0.2266 हेक्टेयर भूमि कम दर्ज है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अमृत भारत योजना के तहत प्रस्तावित मुख्य प्रवेश द्वार, चारदीवारी और अन्य विकास कार्य इसी भूमि पर होने हैं।
 
संयुक्त निरीक्षण में नहीं बनी सहमति 
 
विवाद के बाद रेलवे अधिकारियों, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का संयुक्त निरीक्षण किया। दोनों विभागों ने अपने दस्तावेज पेश किए, लेकिन साझा निष्कर्ष नहीं निकल सका। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड सत्यापन और सीमांकन पूरा होने तक किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं होगा।
 
परियोजना पर पड़ा सीधा असर 
 
भूमि विवाद का असर सीधे अमृत भारत स्टेशन योजना पर दिख रहा है। डेगाना स्टेशन पर प्रस्तावित मुख्य प्रवेश द्वार, चारदीवारी, पार्किंग, उद्यान, यात्री प्रतीक्षालय और सौंदर्यीकरण सहित कई आधारभूत सुविधाओं का कार्य प्रभावित हो गया है। यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा तो परियोजना की समय-सीमा पर भी असर पड़ सकता है।
 
 
 

पीडब्ल्यूडी सीमांकन पर भी उठे सवाल

 
इसी बीच मौजा गोरेड़ी चाचा के खसरा संख्या 265 एवं 266 के सीमांकन को लेकर भी विवाद सामने आया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग डेगाना के अधिशाषी अभियंता के 20 जून 2025 के पत्र के आधार पर सीमांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अधिशाषी अभियंता के विरुद्ध विधिक कार्रवाई और सरकारी राजस्व की भरपाई की मांग की है।
 
रेलवे प्रशासन ने जिला कलेक्टर नागौर, उपखंड अधिकारी डेगाना, तहसीलदार डेगाना, नगर पालिका डेगाना, राजस्थान राजस्व विभाग तथा मंडल अभियंता उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर को पत्र भेजकर सभी संबंधित खसरों का दोबारा सत्यापन कर वास्तविक क्षेत्रफल राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने और भूमि को विधिवत भारत सरकार रेलवे के नाम अंकित करने का आग्रह किया है।

विज्ञापन
( Connecting with social media platform )
App | E-paper   | Facebook   | Youtube
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

( नागौर डेली की लेटेस्ट न्यूज़ अपने व्हात्सप्प पे प्राप्त करने के लिए ग्रुप ज्वाइन करे )
Click to join Group

Latest News