अभ्युदय भवन व उपासक साधना केन्द्र का हुआ लोकार्पण
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अबू बकर बल्खी | Fri, 27-Feb-2026 |
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लाडनूं(नागौर डेली न्यूज)। शुक्रवार को सुधर्मा सभा में आयोजित मुख्य मंगल प्रवचन कार्यक्रम में आचार्य श्री महाश्रमण ने ‘क्यों करें विनय’ विषय को विवेचित करते हुए कहा कि प्रश्न हो सकता है कि विनय क्यों करना चाहिए। विनय करने से क्या लाभ हो सकता है। सामान्य प्राणी भी बिना प्रयोजन के कोई कार्य नहीं करता है।
विनय के विषय में बात करें तो मान, और कषाय को दूर करने एक माध्यम है-विनय। अहंकार को दूर करने के लिए विनय का प्रयोग करना चाहिए। कहा गया है कि अबाध, निर्बाध सुख प्राप्त करना है, उसके लिए मोक्ष की प्राप्ति आवश्यक है। चारित्र के पालन से मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
ज्ञान से दर्शन की प्राप्ति और फिर चारित्र की प्राप्ति होती है। ज्ञान प्राप्ति के लिए विनय की परम आवश्यकता होती है। गुरुदेव जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा द्वारा नवनिर्मित अभ्युदय भवन एवं उनके अंतर्गत बने उपासक साधना केन्द्र में पधारे।
भवन के निर्माणकर्ता व अनुदान दाता जयंतीलाल सुराणा व उपासक श्रेणी के संयोजक सूर्यप्रकाश श्यामसुखा ने भी अपनी भावाभिव्यक्ति दी। आचार्यश्री ने मंगल आशीर्वाद प्रदान करने के साथ उपस्थित उपासक-उपासिकाओं को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उपासक साधना केन्द्र का प्रायोगिक शुभारम्भ भी किया।