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NSP पोर्टल हैक कर करोड़ों की छात्रवृत्ति हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

सद्दाम रंगरेज, प्रधान संपादक Sun, 14-Jun-2026

डीडवाना(नागौर डेली न्यूज) डीडवाना-कुचामन पुलिस ने केंद्र सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) से करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली अभी फरार है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वर्ष 2021-22 और 2022-23 में अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है।

 

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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में की गई बड़ी हेराफेरी

पुलिस के अनुसार 6 जून 2025 को नागौर के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपालचंद जांगिड़ ने मामला दर्ज करवाया था। शिकायत में बताया गया कि कुछ शिक्षण संस्थानों के DISE कोड का दुरुपयोग कर नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से छेड़छाड़ की गई और फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति राशि निकाल ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडवाना-कुचामन पुलिस ने विशेष जांच शुरू की और साइबर ठगी के इस नेटवर्क तक पहुंचने के लिए विशेष टीम का गठन किया।

 

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वेश बदलकर की जांच, बंगाल बॉर्डर तक पहुंची पुलिस

पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और आरपीएस जेठूसिंह के सुपरविजन में आरपीएस (प्रोबेशनर) गरिमा चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लगातार निगरानी के माध्यम से गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया।

जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने वेश बदलकर कई दिनों तक पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहकर जानकारी जुटाई। लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता के आधार पर गिरोह के तीन सदस्यों को पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में जुबेर आलम पुत्र कासिम अली (31), मंसूर आलम पुत्र मतीउर रहमान (35) तथा एमडी मुन्ना मुस्ताक पुत्र हाजी रियाजुल हक (36) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के निवासी हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना इमरान उर्फ सारजू अली है, जो देश के विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद

पुलिस ने मुख्य आरोपी के ठिकानों से बड़ी मात्रा में फर्जी मोहरें, विभिन्न कंपनियों के फर्जी सिम कार्ड, शिक्षण संस्थानों की फर्जी रसीदें, क्लोन अंगूठा निशान, मोबाइल पेमेंट टर्मिनल मशीन, फिंगरप्रिंट मशीन, कैमरे, लैपटॉप चार्जर सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से "Green Berry G5000" मल्टी-सिम मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसमें एक साथ चार सिम संचालित की जा सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। संभावना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


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