मेघवाल समाज ने फिजूलखर्ची पर लगाया अंकुश, मृत्युभोज पर पाबंदी का संकल्प
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महबूब खोखर | Fri, 16-Jan-2026 |
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कुचेरा(नागौर डेली न्यूज) : कुचेरा मकर संक्रांति के पावन पर्व पर मेघवाल समाज रूपाथल द्वारा एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की गई। समाज ने लंबे समय से चली आ रही फिजूलखर्ची एवं मृत्युभोज जैसी कुप्रथा पर पाबंदी लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। इस संबंध में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें युवा एवं बुजुर्गों की उपस्थिति में सामाजिक सुधार की दिशा में ठोस निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मृत्यु के उपरांत होने वाले भोज को अत्यंत सादगीपूर्ण रखा जाएगा। बारहवें दिन सामान्य भोजन के रूप में केवल हलवा, सब्जी, रोटी या पुड़ी ही बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के भव्य भोज या अतिरिक्त व्यंजनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही पहरावनी की परंपरा में भी बदलाव करते हुए तय किया गया कि कपड़े केवल परिवार के सदस्य ही देंगे, अन्य लोगों द्वारा कपड़े देने पर रोक रहेगी।
समाज ने यह भी संकल्प लिया कि मृत्यु के पश्चात पहले 1 से 10 दिन तक किसी भी प्रकार का खर्च नहीं किया जाएगा। कपड़ों की जगह नगद राशि देने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अनावश्यक दिखावे पर अंकुश लगे। बैठक में विवाह समारोहों में बरतन बांटने की प्रथा को भी बंद करने का निर्णय लिया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि इन निर्णयों से आर्थिक बोझ कम होगा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। मेघवाल समाज की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है और इसे अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।