मारोठ : आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर धरना जारी, दसवें दिन भी अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
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हितेश रारा | Tue, 28-Apr-2026 |
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मारोठ/नावां(नागौर डेली न्यूज)। भीवपुरा गांव के पास हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नावां उपखंड कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु
मामले में घायल शिशपाल जाट ने न्याय नहीं मिलने से आहत होकर राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को रास्ते में गाड़ी रुकवाकर शिशपाल पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जयपुर में उपचार के बाद अब भी उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 5 अप्रैल को मारोठ थाने में मामला दर्ज किया गया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष में रोष व्याप्त है।
सात लोगों ने रखा कार्मिक अनशन, आंदोलन हुआ उग्र
धरने के दौरान मंगलवार को सात लोगों ने कार्मिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन करने वालों में सीताराम लुहाच, बजरंग लाल लुहाच, भानु प्रताप जांगू, महेंद्र कुमार कस्वा, पूरणमल नेटवाल, रामकुमार जांगू और कमल किशोर जांगू शामिल हैं।
सोमवार को आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया, जहां ग्रामीणों ने धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। इस दौरान पीड़ित शिशपाल की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें उप जिला अस्पताल नावां में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन की समझाइश नाकाम, गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी
धरने के दौरान प्रशासन की ओर से कुचामन डिप्टी मुकेश चौधरी, नावां सीआई नंदलाल चौधरी और तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।